
Karnataka कर्नाटक: हाई कोर्ट के जज जस्टिस एस. सुनील दत्त यादव ने कहा है कि कृषि व्यवसाय को अपने उद्देश्य और दृष्टिकोण के केंद्र में किसानों, पर्यावरण और सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) को रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के उत्पादन पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि किसानों की आय और देश की कृषि प्रणाली दोनों मजबूत हो सकें।
जस्टिस यादव बेंगलुरु में सेंटर फॉर एग्रीकल्चरल एंड अलाइड लॉज़ (CAAL) की आधिकारिक वेबसाइट का उद्घाटन करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह वेबसाइट www.caal.in.net
पर उपलब्ध है और कृषि से जुड़े कानूनी और शैक्षणिक संसाधनों को एक मंच पर लाने का कार्य करेगी।
अपने संबोधन में जस्टिस यादव ने CAAL की इस पहल की सराहना की और कहा कि कृषि और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर एक समर्पित प्रशिक्षण केंद्र शुरू करना एक सराहनीय और समय की जरूरत है। उन्होंने इसे अपनी तरह की एक पहली पहल बताया, जो कृषि क्षेत्र में कानून और नीति की समझ को मजबूत करेगी।
उन्होंने विशेष रूप से CAAL की टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल के पीछे बी. वेंकटरमणप्पा और नितिन रमेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने दोनों को इस अभिनव प्रयास के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह केंद्र किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए उपयोगी साबित होगा।
जस्टिस यादव ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि कृषि व्यवसाय को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण और दीर्घकालिक स्थिरता के साथ जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में कृषि और कानून का आपसी संबंध और भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि किसानों के अधिकारों, भूमि उपयोग और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़े कई मुद्दे सामने आ रहे हैं।
CAAL द्वारा शुरू किया गया यह एग्रो-लीगल ट्रेनिंग सेंटर कृषि क्षेत्र में कानूनी शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे किसानों, कृषि विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य विशेषज्ञों ने भी इस पहल को कृषि क्षेत्र में जागरूकता और सुधार की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास बताया। उनका कहना था कि इस तरह के संस्थान कृषि और कानून के बीच की दूरी को कम करने में सहायक होंगे।
इस अवसर पर यह भी उम्मीद जताई गई कि CAAL भविष्य में कृषि कानून, भूमि सुधार और सस्टेनेबल एग्रीकल्चर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शोध और प्रशिक्षण का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।





